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  • Bhojpuri: "कार्बोहाइड्रेट" केहू कतना कम खाई!: एने रोज पर्याप्त मात्रा में फल- फूल खाए के बेंवत सबका में नइखे. हमनी का पुराना जमाना से देखत आइल बानी जा कि फल भा सूखा फल सब केहू ना खरीद सकेला. त बकिया लोग अनाज आ साग- पात खाके स्वस्थ रही. अब अनाज में कार्बोहाइड्रेट होला. त आयुर्वेद के पुरनिया लोग कहि गइल बा कि अनाज भूख के कम खाए के चाहीं. एकर का माने? एकर माने ई कि रउरा चार गो रोटी खाए के क्षमता बा त तीने गो रोटी खाईं. एसे का फायदा होई? त पुरनिया डाक्टर लोग कहले बा कि एसे पाचन प्रक्रिया आसान हो जाई काहें से कि पेट एकदमे भरल ना चाहीं. कुछ खाली रहे के चाहीं. तब रउरा मन में उठत होई कि एक दिन में कतना कार्बोहाइड्रेट खाए के चाहीं. विश्व भर के वैज्ञानिक एकरा पर सहमत बा लोग कि जदि केहू भोजन के माध्यम से 2000 कैलोरी लेता त इसमें 1000 कैलोरी कार्बोहाइड्रेट होखे के चाहीं. एकर माने कि जतना अनाज रहे ओतने तरकारी, सलाद आ ताजा चटनी वगैरह होखे. ब्रिटेन, अमेरिका आ चीन से छपे वाली विज्ञान के पत्रिका “लैंसेट” सन 1987 आ 1979 के बीच कार्बोहाइड्रेट पर एगो व्यापक सर्वे कइले रहे. ओमें नतीजा निकलल कि जे कार्बोहाइड्रेट खाए के अति क देले बा आ जे एकदम कम कार्बोहाइड्रेट खाता एक बराबर बेमार परता, एक बराबर कमजोर बा. मतलब ई कि कार्बोहाइड्रेट खाईं बाकिर नाप- जोख के. अब तनीं भोजपुरी इलाका में चलि आईं. एक आदमी 94 साल के उमिर में ठीक- ठाक स्वास्थ्य वाला रहे. ओकरा से पुछाइल कि रउरा का खानी महाराज कि अतना स्वस्थ बानी? त ऊ कहले कि हमार प्रिय भोजन ह दूध- रोटी. दिन में त हम भात- दाल खानी बाकिर रात खान रोज नियम से दूध- रोटी खानी. उनुका बिचार से दूध- रोटी एह दुनिया के सबसे पौष्टिक भोजन रहे. अब देखीं- रोटी त कार्बोहाइड्रेट हइए ह, दूध चूंकि डेयरी प्राडक्ट बा, त कार्बोहाइड्रेट बड़ले बा. त जे लगातार रात खान हाई कार्बोहाइड्रेट लेता, ऊ लमहर उमिर वाला कइसे हो गइल? त बा नू चमत्कारिक बात! एही से कहल जाला कि कई जगह विज्ञान भी फेल हो जाला. त मान लीं कि ओह आदमी के भगवान के आशीर्वाद मिलल रहे. तबो सामान्य आदमी खातिर विश्व भर के वैज्ञानिक कहे ला लोग कि भोजन के 55 प्रतिशत हिस्सा कार्बोहाइड्रेट के रहे के चाहीं. अब एमें अइसनो विशेषज्ञ मिल जइहें जौन कहिहें कि 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट आ 40 प्रतिशत तरकारी, सलाद रहे के चाहीं. देहात में जाड़ा का दिन में गजरा- मुरई बहुते रहेला. लौकी आ नेनुआ भी ढेर रहेला. त गांव के आदमी बहुत कम खरच में पौष्टिक भोजन कइए सकेला. बस संतुलित भोजन का ओर ध्यान रहे के चाहीं. जतना चांपि के रोटी- भात खातानी जा, ओतने चांपि के सलाद आ हरियर तरकारियो खाए के परी. खाली अनाज खइला से काम ना चली. अब एगो सांच घटना सुन लीं. कोलकाता में बहुत आदमी मिल जइहें जे रात खान फल- फूल, साग- पात खाके रहि जाले. बाकिर ओहू में से 20 परसेंट आदमी बाड़े जे साग- पात खाइयो के बेमार रहतारे. त रउरा पूछब कि ई काहें? त सरकार, अइसन लोग दिन का बेरा सिगरेट पर सिगरेट फूंकेला, बीसन कप चाय पियेला. त एक तरफ रउरा परहेज करतानी आ दोसरा तरफ अति करतानी त बेमारी त होखबे करी. सिगरेट आ चाय के अति पर कंट्रोल करीं, आ देखीं फल- फूल खइला के कतना फायदा बा. अच्छा, कुछ आदमी अइसनो बाड़े जे भोजन त संतुलित करतारे, बाकिर बाकी समय तलल- भुनल, पकौड़ी आ समोसा के सेवन कके आनंद पाव तारे. त ऊ संतुलित भोजन कतना देहे लागी. संतुलित भोजन माने 24 घंटा के संतुलन. दवाइयो खातानी आ ओह दवाई के काटे वाला चीज भी खातानी. त “लैंसेट” पत्रिका के सर्वे से स्पष्ट हो गइल कि कार्बोहाइड्रेट के लेके बहुत परेशान भइला के जरूरत नइखे. बस अनाज के ठूंसि के नइखे खाएके. अतने याद रखला से काम चलि जाई. आ जब “लैंसेट” जइसन हेल्थ संबंधी पत्रिका के बात चलते बा त ईहो जाने के परी कि सबेरे के नाश्ता पर ऊ का कहतिया. एह पत्रिका के सबेरे के नाश्ता पर जतना लेख छपल बा, ओकर कहनाम बा कि स्टार्च वाला भोजन करेके चाहीं. स्टार्च कौना चीज में बा? त चावल, दाल वगैरह में स्टार्च बा. त सबेरे सात- आठ बजे त केहू चावल- दाल खाई ना. त पत्रिका कहतिया कि आटा वाला ब्रेड खाए के चाहीं. हमनी का भोजपुरियन खातिर ब्रेड माने भइल घर में बनल आटा के रोटी. एने एगो अच्छा फैशन ई चलल बा कि भोजपुरिया भाई लोग भी गेहूं का संगे जौ, बाजरा वगैरह मिला के आटा पिसवावता. एसे रोटी अउरी पौष्टिक हो जातिया. त रोटी आ हरियर तरकारी सबेरे के नाश्ता सबसे बढ़िया बा. जेकरा घरे लगहर गाय बिया ओकरा रोटी- तरकारी संगे तनी दही लेलेबे के चाहीं. दही ले लिहला से नाश्ता के समूचा सवादे अमृतमय हो जाला. आ दही ऊहो खा सकेला जेकरा सुगर के बेमारी बा. त सरकार, कुल स्वास्थ्य पत्रिका खंघार लीं त निचोड़ ईहे आवता कि तरकारी- तियन आ सलाद के मात्रा तनी बढ़ा देबे के बा आ अनाज के मात्रा तनी घटा देबे के बा. source- https://hindi.news18.com/news/bhojpuri-news/health-news-know-one-can-take-carbohydrates-in-low-quantity-in-bhojpuri-3844428.html

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