About Us
परनाम!स्वागत बा राउर रियल भोजपुरी डॉट कॉम प। टीम रियल भोजपुरी आपन भोजपुरी प...
Real Bhojpuri Poll
 
भारत से बाहर भोजपुरी कहाँ बोलल जाला
सिंगापुर
मारीशस
फिजी
सब जगह
    

Articles

  • भोजपुरी में पढें- रेणु प अपना साहित्य खातिर हमेशा याद रहब डॉ. भरत यायावर: रांची.हिन्दी के प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार आ आलोचक डॉक्टर भारत यायावर के दाह संस्कार आज फजीरे हजारीबाग के खिरगांव के मुक्तिधाम में हो गईल. येह मौका पर साहित्यकार, कवि सहित ढेर लोग आईल रहन. एक दिन पहिले शुख के दुपहरिया में लगभग दू बजे ऊंहा के ओहिजा चल गईनी, जहां से लौटल संभव नइखे. कुछ दिन से उनकर तबीयत खराब चलत रहे. उमीर 67 बरिस रहे. ऊंहा के विनोबा भावे विश्वविद्यालय (हजारीबाग) के हिंदी विभाग में प्रोफेसर रहीं. हाले में रिटायर भईल रहीं. भारत जी अलगे अंदाज के रचनाकार रहीं. ऊंहा के लगातार साहितिक यात्रा करत रहीं. देशभके लाइब्रेरी खाक छान के रख देले रहीं. काम करे के जुनून रहे. ईहे कारण रहे कि हजारीबाग जईसन छोट शहर के देशभर में पहचान ऊंहा के दियवले रहीं.

    आपन नाम के अनुकूल काम करे वाला भारत यायावर महान कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु और आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के साहित्य पर सालों-साल काम कइले रहीं. अगर ऊंहा के शोध सामने ना आईल रहित त रेणु जी के कतने चीज लोगों के सामने ना आवे सकित. सांच कहल जाओ तो फणीश्वरनाथ रेणु के दुर्लभ कृति के दुनिया के सामने लावे में डॉ. यायावर के बड़ भूमिका रहल बा. ना त रेणु जी के कतने दुर्लभ रचना कोई ना पढ़े सकित. उनका साथे ऊंहा के आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी प भी बहुते गंभीरता से शोध कईले रहीं आ उनकर रचना के संकलन कईले रहीं. फणीश्वरनाथ रेणु प यायावर जी दूगो किताब लिखले बानीं. पहिला, रेणुः एक जीवनी और दोसर रेणु की तलाश. ई दुनो किताब हाले में सेतु प्रकाशन छपले रहे. ऐकरा अलावा ऊंहा के रेणु जी के साहित्य प एक-आध दर्जन से जादे आलोचनात्मक किताब लिखले बानीं. महावीर प्रसाद द्विवेदी और रेणु पर कईल उनकर काम हमेशा ईयाद करल जात रही. रेणु जी प त ऊंहा के काम अभियो चलते रहे, लेकिन अब पूरा ना होखे सकी.

    डॉ. भारत यायावर सोशल मीडिया प भी बहुते सक्रिय रहत रहीं. आपन निधन से एक दिन पहिले जादे बेमार होखला के खबर भी अपनही से देले रहीं. ऐकरा बाद तबीयत में सुधार के जानकारी भी देले रहीं. वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र त्रिपाठी कहे लगनी कि भारत यायावर के मरनी के खबर सुनके मन धक से रह गईल. हिन्दी के एगो बहुत बड़ पुरोधा चल गइलन. यायावर जी लेखा आस्था से हिन्दी के लेखक लोगन पर शोध करे वाला बहुत कम लोग बांचल बाड़न. त्रिपाठी जी बड़ा अफसोस से बतावे लगनी कि यायावर जी के लिखल रेणु के जीवनी शानदार बड़ुए. ओकर पहिला खंड अभी छपल बा. पिछला एतवार के एक पुस्तक 15 मिनट कार्यक्रम में ओकरे पर बोलल रहीं. लोग के बहुते पसंद आइल रहे. कार्यक्रम के बाद यायावर जी के संदेश आइल रहे. कार्यक्रम उनका भी बहुते पसंद पड़ल रहे. रवींद्र त्रिपाठी कहे लगलन कि भारत यायावर के अध्ययन अरू शोध के हम कायल बानी, आ हरदम रहब.

    डॉ. यायावर के निधन के बाद पत्रकार संजय कृष्ण कहे लगलन कि रेणु जी के ना जाने कतने छवि यायावर जी के भीतर रहे. जबे कुछो लिखत रहन त हमेशा अलगे अंदाज में रेणु जी के परोसत रहन. रेणु जी के जीवनी के दूसरा खंड बजार में आवे वाला रहे, लेकिन ई जानकारी नईखे कि दोसरका खंड अभी पूरो भईल बा कि ना. संजय कृष्ण कहे लगलन कि ऊंहा के एगो अरू महत्वपूर्ण काम इयाद आव ता. राधाकृष्ण पर एगो उपन्यास के संपादन भी ऊंहा के कईले रहीं.

    Source-https://hindi.news18.com/news/bhojpuri-news/bharat-yayawar-will-be-remembered-for-his-work-on-phanishwar-nath-renu-dlpg-3812231.html

    5 views

Website Security Test